‘नमो टीवी’ विवाद : चुनाव आयोग को दूरदर्शन का जवाब, चुनावी रैली नहीं था PM का कार्यक्रम

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‘मैं भी चौकीदार’ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण करने पर दूरदर्शन ने चुनाव आयोग को अपना जवाब दिया है। दूरदर्शन ने कहा है कि यह पीएम की चुनावी रैली नहीं थी।

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मैं भी चौकीदार’ का लाइव प्रसारण करने के बारे में दूरदर्शन ने गुरुवार को चुनाव आयोग (ईसी) को अपना जवाब दिया। दूरदर्शन ने कहा है कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम चुनावी रैली नहीं था। बता दें कि 31 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार’ कार्यक्रम के जरिए देश भर में 500 स्थानों पर लोगों को संबोधित किया। यह कार्यक्रम करीब डेढ़ घंटे तक चला और इस कार्यक्रम का प्रसारण दूरदर्शन ने लाइव किया था। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से दूरदर्शन के इस कार्यक्रम की शिकायत की थी जिसके बाद ईसी ने डीडी और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से जवाब तलब किया।

कांग्रेस का कहना है कि इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कर दूरदर्शन ने आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया। बता दें कि ‘नमो टीवी’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों एवं चुनावी रैलियों को दिखाया जा रहा है जिस पर विरोधी दलों ने आपत्ति जताई है। विपक्षी दलों के विरोध जताए जाने के बाद चुनाव आयोग ने मंगलवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी कर शुक्रवार तक उससे अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा।

सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग ने मंत्रालय से कहा कि वह ‘नमो टीवी’ और उसकी लॉन्चिंग के बारे में एक रिपोर्ट उसे सौंपे। ईसी की ओर से नोटिस जारी होने के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर ‘नमो टीवी’ के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने ईसी से चुनाव के दौरान इस टेलीविजन चैनल के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की। 

बता दें कि ‘नमो टीवी’ के लोगो में पीएम मोदी की तस्वीर है और इसकी लॉन्चिंग आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के करीब दो सप्ताह बाद 31 मार्च को हुई। देश में इस समय चुनाव आचार संहिता लागू है। ‘नमो टीवी’ के लॉन्च होने के बाद प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर लोगों से चौकीदारों के साथ अपनी बातचीत देखने की अपील की थी। यह टीवी चैनल डीटीएच, केवल टीवी सहित कई प्रसारण प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद है। इस चैनल पर पीएम मोदी के भाषण और भाजपा नेताओं के साक्षात्कार प्रसारित हो रहे हैं।

हालांकि भाजपा ने इस पूरे विवाद से खुद को दूर रखने की कोशिश की है। भाजपा ने इस टीवी के मालिकाना हक का दावा नहीं किया है लेकिन लोगों से इस चैनल को देखने की अपील की है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्वीट कर इस चैनल को देखने की अपील की। आयोग से की गई शिकायत में आप और कांग्रेस ने चुनाव आयोग से पूछा है कि क्या इस चैनल को शुरू करने की अनुमति उससे ली गई? क्योंकि चैनल के लोगो में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है।