‘वायु प्रदूषण से हर साल हो जाती है 30 लाख लोगों की अकाल मौत’

HEALTH SOCIETY

दुनिया भर में प्रति वर्ष 30 लाख लोगों की अकाल मौत हो जाती है। इसका कारण वायु प्रदूषण है। इसमें कमी लाकर लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।

बर्लिन : वायु प्रदूषण में कमी लाकर विश्वभर में खासतौर पर भारत, अफ्रीका और चीन जैसे देशों में प्रतिवर्ष कम से कम 30 लाख लोगों की अकाल मृत्यु को रोका जा सकता है। यह बात एक नए अध्ययन में सामने आई है। जर्मनी स्थित मैक्स प्लैंक इंस्टिट्यूट फॉर केमिस्ट्री के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल बंद करने से वायु प्रदूषण में तेजी से कमी लाई जा सकती है।

शोधकर्ताओं का आकलन है कि जीवाश्म ईंधन से होने वाला उत्सर्जन मानव निर्मित वायु प्रदूषकों के कारण विश्वभर में होने वाली 65 फीसदी अकाल मौतों के लिए जिम्मेदार है। प्रदूषित हवा हृदय तथा श्वसन संबंधी बीमारियों के खतरों को काफी बढ़ा देती है। इस अध्ययन में शामिल रहे हेल्थ कनाडा के प्रोफेसर रिचर्ड बर्नेट के अनुसार हाल ही यह पता चला है कि हवा में महीन कणों की मौजूदगी से स्वास्थ्य भार काफी बढ़ रहा है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल बंद कर प्रतिवर्ष विश्वभर में होने वाली 30 लाख अकाल मौतों को रोका जा सकता है। वायु प्रदूषण में कमी न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगी, बल्कि जलवायु पर भी इसका असर पड़ेगा। यह अध्ययन ‘जर्नल प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल अकैडमी ऑफ साइंस’ में प्रकाशित हुआ है।